भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली महिलाएं मध्यप्रदेश की हैं। पटवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने जिस “समृद्ध मध्यप्रदेश” का सपना दिखाया था, वह अब “नशे में डूबे प्रदेश” में बदल चुका है।
“बहन-बेटियां नशा करने लगी हैं” – पटवारी
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में शराब और नशे (Jitu Patwari) का कारोबार तेजी से फैल रहा है और सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि “हमारी बहनें और बेटियां नशे की गिरफ्त में आ रही हैं। बीजेपी ने लाडली बहनों के नाम पर वोट तो ले लिए, लेकिन आज वही बहनें शराब और नशे में सबसे ज्यादा फंस रही हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश में शराब की खपत देश में सबसे अधिक है और यहां तक कि ड्रग्स का कारोबार भी अन्य राज्यों से ज्यादा है।
बीजेपी का पलटवार
पटवारी के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति सिर्फ भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने पर आधारित है। वहीं, पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा, “यह बयान न सिर्फ आंकड़ों की हत्या है बल्कि महिलाओं के सम्मान पर भी चोट है। महिलाएं नशे में नहीं, बल्कि पटवारी की मानसिकता नशे में है।”
महिलाओं के सम्मान का मुद्दा
बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस (Jitu Patwari) मुद्दों पर बहस करने के बजाय महिलाओं को बदनाम करने वाली राजनीति कर रही है। उनका कहना है कि झूठे और आधारहीन आंकड़े देकर कांग्रेस समाज में भ्रम फैला रही है।
सियासत में नया विवाद
जीतू पटवारी के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस जहां सरकार पर नशे का कारोबार रोकने में विफल होने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला बताकर विपक्ष को घेर रही है। यह बयान न सिर्फ राजनीतिक बहस का कारण बना है, बल्कि समाज में शराब और नशे के बढ़ते दायरे पर भी सवाल खड़े करता है।