दक्षिणी लेबनान में लगातार अमेरिकी नेतियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. ट्रंप के खास दूत की ओर से अरब पत्रकारों पर की गई टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ पूरे लेबनान में गुस्सा बढ गया है. इन्हीं विरोध प्रदर्शनों की वजह से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को टायर और खियाम की अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी है. प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोग अमेरिकी दूत टॉम बैरक के उन बयानों से गुस्सा है, जिसमें उन्होंने अरब पत्रकारों को असभ्य कहा था.
मंगलवार को राष्ट्रपति भवन से अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने वहां मौजूद पत्रकारों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा, “हम यहां अलग नियम लागू करने जा रहे हैं. मैं चाहता हूं कि आप एक पल के लिए चुप रहें,” और धमकी दी, “जिस वक्त चीजें अराजक हो जाएंगी और व्यवहार जानवरों वाला हो जाएगा, हम चले जाएंगे.”
Barrak just called Lebanese journalists covering his conference as animalistic, and said he wanted them to act as civilized for him to continue
The despicable level of shamelessness and doormatness reached by our gov. is repulsive. This came just after meeting the president! pic.twitter.com/YSNFQerB0J
— Hussein (@EyesOnSouth1) August 26, 2025
उन्होंने कहा, “यदि आप जानना चाहते हैं कि क्या हो रहा है, तो सभ्य, दयालु और सहनशील होकर काम करें, क्योंकि इस क्षेत्र में जो कुछ हो रहा है, यही समस्या है.” उनके इस बयानों को पूरे लेबनान और अरब जगत में अपमान की तरह देखा गया है.
प्रदर्शनों के बाद रद्द करनी पड़ी यात्रा
दक्षिणी लेबनान के लोग, खासकर सीमावर्ती गांवों के लोगों ने, दक्षिणी शहर खियाम में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें इजराइली हमलों के लिए अमेरिकी समर्थन और लेबनान के आंतरिक मामलों में अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा की गई. यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज देश के दक्षिणी हिस्से का दौरा करने वाला था.
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों ने लेबनान और उसके लोगों के खिलाफ अपमानजनक अमेरिकी बयानों की अस्वीकार किया और नारे लगाए. साथ ही लोगों ने देश की संप्रभुता को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और अपने देश में इजराइल के हमलों और अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया.
हिजबुल्लाह के हथियार छुड़ाने पर जोर
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल लेबनान में हिजबुल्लाह को हथियार डालने के लिए दबाव बना रहा है. मंगलवार को लेबनान से बोलते हुए कांग्रेस सदस्य जीन शाहीन ने संकेत दिया कि वे यहां इस बात पर चर्चा करने के लिए नहीं आए हैं कि इजराइल ने क्या किया है और क्या करेगा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘लक्ष्य हिजबुल्लाह को निरस्त्र करना है.’ जबकि हिजबुल्लाह का कहना है कि वह इजराइल कब्जे के खात्में के बिना हथियार नहीं डालेगा.