उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी, MP जल्द बनेगा विकसित राज्य- CM मोहन यादव

उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी, MP जल्द बनेगा विकसित राज्य- CM मोहन यादव


आज मध्य प्रदेश के उज्जैन में द्वितीय वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन सम्मेलन ‘रूह Mantic’ का आगाज हुआ. इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ-साथ केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी शामिल हुए. उन्होंने सबसे पहले प्रदेशवासियों को श्रीगणेश चतुर्थी की बधाई दी और गणपति को नमन किया. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखवात ने मध्य प्रदेश में बढ़ते पर्यटन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि कभी राजस्थान के टूरिज्म सेक्टर में सबसे अच्छी निवेश नीति थी लेकिन आज मध्यप्रदेश ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है.

वहीं ‘रूह Mantic’ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है. उन्होंने कहा कि विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत है. हमारी संस्कृति ने 2000 साल तक आक्रमण झेला, 200 साल की गुलामी झेली, लेकिन आज भारतीय संस्कृति समृद्ध है.

देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी है. उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है. पहले जितने लोग साल भर में आते थे, उतने अब एक से डेढ़ हफ्ते में आ जाते हैं. आज हर स्तर की पर्यटन संभावनाएं विकसित करने के लिए राज्यों के बीच गला काट प्रतियोगिता चल रही है. मध्य प्रदेश हार्ट ऑफ इंक्रेडिवल इंडिया है. मध्य प्रदेश के पास टूरिज्म सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं. भारत के पास दुनिया की सबसे प्रचीन परंपरा और विरासत है. देश में घरेलु पर्यटन बढ़ रहा है.

सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. आज देश सांस्कृतिक पुर्नजागरण से गुजर रहा है. भारतवासियों का देश के प्रति नजरिया बदल गया है. हमारे देशवासियों ने अपनी परंपरा और संस्कृति पर गर्व करना शुरू कर दिया है. भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.

भारत में तीर्थाटन की लंबी परंपरा

उन्होंने कहा कि आज से ढाई हजार साल पहले दुनिया में जब मानव अपना वजूद खोज रहा था, तब भारत में तीर्थाटन की परंपरा थी. आदि शंकराचार्य ने केरल से पर्सिया तक 24 हजार किलोमीटर की यात्रा कर भारतीय संस्कृति से दुनिया का परिचय कराया.

देश में ब्रिटिश काल में लेखकों ने भारतीय ऐसिहासिक वैभव की अपने तरीके से व्याख्या की. लेकिन आज भारत एक भारत है. इसका उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ है. जहां घर मत, पंत संप्रदाय के लोग एक मंच पर आए और विश्व शांति का संदेश दिया. सैकड़ों साल पहले जब इंफ्रास्ट्रक्चर इतना डेवलप नहीं था, तब भी लोग केदारनाथ और बद्रीनाथ तीर्थाटन के लिए जाते थे.