मध्य प्रदेश के शिवपुरी में युवक के सिर पर जूते रखवा कर माफी मांगने के मामले में पुलिस ने आरोपी भाईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसका बाजार में जुलूस भी निकाला. दूसरे आरोपी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं. गुंडागर्दी के खिलाफ एकत्रित हुए व्यापारियों की शिकायत पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है. पीड़ित युवक के पिता ने व्यापारियों के साथ थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी.
शिवपुरी के बैराड़ थाना क्षेत्र में रहने वाले सार्थक गुप्ता और कुलदीप रावत के बीच किसी कुछ दिनों पहले किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. देखते ही देखते दो लोगों के बीच शुरू हुआ विवाद दो पक्षों का विवाद बन गया. मामले को शांत करवाने के लिए 26 जुलाई की दोपहर भाजपा नेताओं और समाजसेवियों की मौजूदगी में पंचायत हुई. इस पंचायत के दौरान सार्थक पर इस बात के लिए दबाव बनाया गया कि वह बीच बाजार में छोटू रावत और कुलदीप रावत के जूते अपने सिर पर रखकर माफी मांगे.
सिर पर जूते रखकर मांगी थी माफी
इसी के चलते सार्थक गुप्ता ने बारी-बारी से दोनों के जूते अपने सिर पर रखकर माफी मांगी. इस दौरान वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो के वायरल होते ही इलाके में हड़कंप गया. सामाजिक और राजनैतिक स्तर पर वीडियो को लेकर चर्चाएं तेज हो गई. उन्होंने खुलकर इस पूरी घटना का विरोध करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की. इसके बाद रविवार को कालामढ़ के रहने वाले चौकीदार सोनेराम (44) की शिकायत पर सिर पर जूता रखवाने वाले भाइयों पर FIR दर्ज हुई थी.
पुलिस ने आरोपी का निकाला जुलूस
पुलिस ने कुलदीप रावत और छोटू रावत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(बी) के तहत विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने की धाराओं में आपराधिक प्रकरण कायम कर लिया है. पुलिस ने आरोपी छोटू रावत को गिरफ्तार कर बाजार में उसका जुलूस निकाला. इस पूरी घटना के बाद रविवार को वायरल वीडियो में दिख रही गुंडागर्दी के खिलाफ बैराड़ का व्यापारिक वर्ग एकत्रित होकर थाने पहुंच गया.
‘कट्टा दिखाकर दी बेटे को मारने की धमकी’
व्यापारियों ने इस मामले में समाज और पीड़ित पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की. इसके अलावा आक्रोशित भीड़ ने थाने में पूर्व विधायक और मंत्री सुरेश राठखेड़ा के खिलाफ नारेबाजी भी की. वहीं सार्थक के पिता ने थाने में लिखित में शिकायत दर्ज करवाई है कि आरोपियों ने उनके घर पर जाकर कट्टा दिखाते हुए उसके बेटे को मारने की धमकी दी थी. इस कारण वह बहुत डर गया था. यही वजह रही कि डर के कारण उसने एफआईआर दर्ज नहीं करवाई थी. पीड़ित के पिता ने आज व्यापारी वर्ग के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ आवेदन देकर शिकायत दर्ज करवाई और एफआईआर की मांग की है.